रूठ गयी है मुझको मनाने वाली
अब कोई नहीं नाज मेरे उठाने वाली
पर जाने क्या सोचता है यह खुला दरवाजा
शायद रास्ता भूल गयी आने वाली.
*~*~*~*~*~*~*~KANNADASMS.BLOGSPOT.COM~*~*~*~*~**~*~*~*~**अब कोई नहीं नाज मेरे उठाने वाली
पर जाने क्या सोचता है यह खुला दरवाजा
शायद रास्ता भूल गयी आने वाली.
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